*रिपोर्टर मनोज कवि*---
मालवांचल में भादवा माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को तेजादशमी के रूप में पूर्ण श्रद्धा व आस्था के साथ मनाई जा रही है। बरसों से इसने लोक पर्व का रूप ले लिया है। आज के दिन ही सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज वीरगति को प्राप्त हुए थे। समुचे राजस्थान व मालवांचल में उन्हें लोक देवता की तरह पूजा जाता है। गांव-गांव में तेजाजी के मंदिर बने हुए हैं। जहां श्रद्धालू निशान चढ़ाकर अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। कई जगह रात में तेजाजी का माच होता है, जिसमें कलाकार तेजाजी के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन करते हैं। दिनभर हजारों श्रद्धालू आकर तेजाजी की मूर्ति के सामने शीश नमाते हैं। ग्राम मुलथान, काछीबडोदा, बखतगढ व संदला आदि गांवो मे मेला लगा।
मनोज कवि--
बदनावर। सोमवार को मंडी बायपास रोड पर लावारिस हालत मे सडक किनारे पडे मिले 50 हजार रूपए के नोेट के असली मालिक का मंगलवार को पता चल गया। बैंक मैनेजर ने यह नोट मालिक सौंप दिए तथा आइंदा ध्यान रखने की हिदायत दी।
सड़क पर मिले 50 हजार रुपए मालिक को लौटाए, कानवन के रितिक मोदी के थे रूपए
मंडी बायपास पर कल सुबह रोड़ पर गिरे 50 हजार रुपए मंगलवार को उसके मालिक को बैंक मैनेजर अखिलेश पुरोहित द्वारा नप अध्यक्ष अभिषेक मोदी, ओपी जोशी आदि की उपस्थिति में सौंप दिए गए। यह राशि कानवन निवासी 20 वर्षीय रितिक पिता विजयकुमार मोदी की थी। वे यहां व्यापारियों से 6 लाख 50 हजार रुपए लेकर कानवन जा रहे थे। तभी नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के सामने झोला फटने से गिर गए। घर पहुंचकर जब नोट गिने तो 50 हजार रुपए कम मिले। इससे परिजन परेशान हो गए। मंगलवार को दैनिक भास्कर में समाचार पढ़कर रितिक व अन्य परिजन बदनावर आए तथा पैसे गिरने के बारे में बताया। संतुष्टि होने पर उन्हें लौटा दिए गए। इस मौके पर बैंककर्मी व पंचायत समन्वयक अधिकारी अखलाक मंसूरी के पिता यासीन मंसूरी व मीडियाकर्मी आदि मौजूद थे। मालूम हो कि यह राशि मंसूरी को उनके घर के पास ही रोड़ पर मिलने पर उन्होंने तुरंत पास में ही स्थित बैंक में जाकर मैनेजर अखिलेश पुरोहित को सौंप दी थी। पुलिस को भी सूचना दी थी। मंसूरी की ईमानदारी की शहर भर मे खूब सराहना भी हुई थी।



